Ganga Expressway Project सिर्फ उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि पूरे देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक बनने जा रहा है, Ganga Expressway की कुल लंबाई करीब 594 किलोमीटर होगी। यह परियोजना मेरठ से प्रयागराज को सीधी और तेज़ रफ्तार वाले एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी। अभी इस एक्सप्रेसवे को चार लेन में बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसे छह लेन तक बढ़ाने की क्षमता रखी गई है। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के विकास, व्यापार और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा देगा।
Ganga Expressway से सफर में होगी कई घंटों की बचत
इस समय मेरठ से प्रयागराज का सफर तय करने में 9 से 10 घंटे लगते हैं। लेकिन Ganga Expressway 2026 में बनकर तैयार होते ही यह दूरी मात्र 4 से 5 घंटे में पूरी हो जाएगी। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। समय की बचत के साथ-साथ ईंधन और गाड़ियों के रखरखाव पर भी खर्च कम होगा, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ घटेगा।
Operation sindoor के समय Ganga Expressway ने भारतीय वायुसेना की की मदद
Ganga Expressway ने ऑपरेशन सिंदूर के समय भारतीय वायुसेना की बहुत बड़ी मदद की थी भारतीय वायुसेना ने अपने एयरक्राफ्ट, राफेल, मिग21, सुखोई जैसे फाइटर जेट को गंगा एक्सप्रेसवे पर उतारा और युद्ध के लिए अपनी तैयारियों के लिए प्रैक्टिस की थी।

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हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा Ganga Expressway
इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा। इसमें टोल प्लाज़ा, फ्यूल स्टेशन, फूड प्लाज़ा, और इमरजेंसी सेवाएं मौजूद होंगी। साथ ही CCTV कैमरे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और 24×7 मॉनिटरिंग की व्यवस्था होगी, जिससे यात्रा सुरक्षित और आरामदायक रहेगी।
Ganga Expressway Project की लागत और समयसीमा
Ganga Expressway Project पर कुल खर्च लगभग ₹36,230 करोड़ तक आने का अनुमान है। सरकार ने मेरठ-प्रयागराज तक इस एक्सप्रेसवे को 2026 तक पूरी तरह से चालू करने का यह लक्ष्य रखा है। यह परियोजना न केवल परिवहन को सुगम बनाएगी बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में भी अहम योगदान देगी।










