School Closed Tomorrow News: उत्तर प्रदेश और आसपास के कई राज्यों में बाढ़ का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। इस वजह से प्रशासन ने 08 सितंबर 2025 (सोमवार) को कई जिलों में स्कूल बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर, गोंडा, बलरामपुर, महाराजगंज, गोरखपुर और बस्ती समेत कई जिले इस बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। यही नहीं, पंजाब और राजस्थान के भी कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
शाहजहांपुर में स्कूल बंद और PET परीक्षा शिफ्ट
School Closed Tomorrow Shahjahanpur News: शाहजहांपुर जिले के कई स्कूलों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण डीएम ने विशेष अवकाश घोषित कर दिया है। यहां के एसएस कॉलेज (SS College) में पानी भरने की वजह से UPSSSC PET परीक्षा को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इससे हजारों अभ्यर्थियों को नई लोकेशन पर परीक्षा देने जाना पड़ेगा।
पीलीभीत और लखीमपुर में हालात बिगड़े
School Closed Tomorrow in Pilibhit and lakhimpur: पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में शारदा नदी और घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में पानी घरों और स्कूलों तक पहुंच गया है। कई जगहों पर नाव से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
बहराइच और गोंडा में तबाही
School Closed Tomorrow in Gonda Behraich: बहराइच और गोंडा जिले में घाघरा और सरयू नदी के उफान ने तबाही मचा दी है। यहां कई गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया है।
पंजाब और राजस्थान के हालात
Punjab Flood News: पंजाब के गुरदासपुर, फिरोजपुर और तरन तारन जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। वहीं, राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर जिलों में भारी बारिश और नदियों के उफान से गांव-गांव में जलभराव हो गया है। यहां भी स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
निष्कर्ष
08 सितंबर 2025 को बाढ़ प्रभावित जिलों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद किए गए हैं। शाहजहांपुर में PET परीक्षा स्थल बदलना पड़ा है, जिससे अभ्यर्थियों को असुविधा हुई है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में हालात सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन फिलहाल बच्चों और आम जनता की सुरक्षा को देखते हुए अवकाश घोषित करना ही सही कदम माना जा रहा है।










