UP Employees Salary Hike: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी बड़ी खबर अभी अभी सामने निकलकर आई है। हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश के इंचार्ज अध्यापकों को प्रधानाध्यापक के बराबर वेतन देने की बात कही गयी है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए हरदोई जिले से पहला आदेश जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत 17 इंचार्ज अध्यापकों को यह लाभ मिलने जा रहा है।
हाई कोर्ट के आदेश से खुला वेतन बढ़ोतरी का रास्ता -Court Order on Teachers Salary Hike
UP Employees Salary Hike : दरअसल, इंचार्ज अध्यापकों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें मांग की गई थी कि उन्हें भी प्रधानाध्यापक के बराबर सैलरी दी जाए। हाई कोर्ट ने इस पर फैसला सुनाते हुए कहा कि “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू होना चाहिए।
इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अब इंचार्ज अध्यापक को प्रधानाध्यापक के पद के बराबर ही वेतनमान मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार की ओर से दायर याचिका खारिज हो चुकी है, जिससे हाई कोर्ट का आदेश लागू करने में कोई बाधा नहीं रही।
किन अध्यापकों को मिलेगा फायदा?
- वेतन बढ़ोतरी का फायदा उन सहायक अध्यापकों को मिलेगा, जिन्हें विद्यालयों में इंचार्ज अध्यापक बनाकर प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी गई है।
- हरदोई जिले में पहला आदेश जारी किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में यह व्यवस्था पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी।
- 150 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद समाप्त कर दिया गया था और सहायक अध्यापक को इंचार्ज बना दिया गया था।
- अब वही सभी इंचार्ज अध्यापक, जो प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें भी हेड मास्टर के समान वेतन मिलेगा।
लंबे समय से चल रही थी मांग
बेसिक शिक्षा विभाग में इंचार्ज अध्यापक वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि जब उनसे प्रधानाध्यापक के समान कार्य लिया जा रहा है, तो उन्हें भी उसी स्तर का वेतन मिलना चाहिए।
याचिका के बाद हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। अब आदेश के अनुपालन में हरदोई से शुरुआत हो गई है और जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों में इंचार्ज अध्यापकों को हेड मास्टर के समान वेतन मिलने लगेगा।
यह खबर उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत और खुशी लेकर आई है। आदेश लागू होने के बाद न सिर्फ वेतन बढ़ेगा, बल्कि इंचार्ज अध्यापकों का मान-सम्मान भी बढ़ेगा।












