UP Employees Sallary Hike News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने “आउटसोर्स सेवा निगम” बनाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 10 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा।
हर महीने तय समय पर आएगा वेतन
UP Employees Sallary Hike News: अभी तक आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर सैलरी न मिलना और सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब निगम के गठन के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी।
- कर्मचारियों की सैलरी हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
- छुट्टियों से लेकर वेतन वितरण तक का जिम्मा सीधे आउटसोर्स सेवा निगम का होगा।
- निजी एजेंसियों पर कर्मचारियों की निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
कितना मिलेगा वेतन?
सरकार ने श्रेणियों के हिसाब से न्यूनतम मानदेय तय किया है:
- प्रथम श्रेणी कर्मचारी – ₹25,000 मासिक
- द्वितीय व तृतीय श्रेणी कर्मचारी – ₹18,000 से ₹20,000 मासिक
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी – ₹16,000 मासिक
इससे कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।
पारदर्शी होगा चयन
निगम अब जेम पोर्टल (Gem Portal) के जरिए सर्विस प्रोवाइडरों का चयन करेगा। ये एजेंसियां तीन साल की अवधि के लिए होंगी। इस प्रक्रिया से भर्ती में पारदर्शिता बढ़ेगी और शोषण की संभावनाएं कम होंगी।
क्यों खास है यह फैसला?
अब तक आउटसोर्स कर्मचारी समय पर वेतन, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं से वंचित रहते थे। लेकिन निगम बनने के बाद उनकी सभी बुनियादी जरूरतें सुरक्षित होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार चाहती है कि आउटसोर्स कर्मचारी भी सम्मान और सुरक्षा के साथ काम करें।
निचोड़
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात है। अब न सिर्फ उनकी न्यूनतम वेतन की गारंटी होगी, बल्कि समय पर वेतन और सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा और कर्मचारियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।










